70+ Tongue Twisters in Hindi are very Difficult

Are you also looking for some good tongue twisters in hindi then don’t worry I have written below 75+ very good tongue twisters for you, you can read them but wait. First of all, you should know what are the benefits of speaking to them.

These are words in which our mind gets entangled, but if you speak them continuously then your mind solves them and due to this your language improves as well as you are able to speak with confidence without getting stuck. So let’s know some tongue twisters.

आज कल है और कल आज है, परसों आ गया और आज है।

फालसे का फासला !

लाला गोप गपुँग़म दास !

ले नियम दे नियम दे नियम ले नियम !

नंदनगढ़ में, नंदू के नाना ने, नंदू की नानी को, नदिया किनारे, नीम के नीचे, नीनी, करायी !

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नज़र नज़र में हर एक नज़र में हमे उस नज़र की तलाश थी| वो नज़र मिली तो सही पर उस नज़र में अब वो नज़र कहाँ थी!

कच्चा पापड़, पक्का पापड़ !

डाली डाली पे नज़र डाली, किसी ने अच्छी डाली, किसी ने बुरी डाली, जिस डाली पर मैने नज़र डाली वो डाली किसी ने तोड़ डाली !

जो हँसेगा वो फंसेगा, जो फंसेगा वो हँसेगा !

कच्चा कचरा पक्का कचरा !

दूबे दुबई में डूब गया !

अचार का कचरा ,कचरे के डिब्बे मेँ. कचरे के डिब्बे मेँ अचार का कचरा !

राजा गोप गोपाल गोपग्गम दास !

अंकल, आपकी चाय ने आपकी खांसी दूर कर दी?

काला कबूतर, सफेद तरबूज, काला तरबूज, सफेद कबूतर

क्या आपने देखा कि हरे रंग का कीड़ा हरे कांच में कांच की तरफ जा रहा है?

लपक बबुलिया लपक, अब ना लपकबे तो लपकबे कब !

खो खो खेल के खेल खेल में खो गये!

चंदू के चाचा ने, चंदू की चाची को, चांदनी-चौक में, चांदनी रात में, चांदी के चम्मच से चटनी चटाई!

टेची में कैंची टेची पे कैंची!

चाचा के चौड़े चबूतरे पर चील ने चूहे को चोंच से चबा डाला!

शनिवार को सही समय पर शहद सही पहुँचाना,शाम समय पर शहद न पहुँचा तो साल भर शर्माना!

नंदु के नाना ने नंदु की नानी को नंद नगर मे नागिन दिखाई!

चार कचौरी कच्चे चार पक्के कचौरी!

लालूलाल का बाल लाल, लाल लालू का लाल बाल!

जो हंसेगा वो फंसेगा, जो फंसेगा वो हंसेगा!

मर हम भी गए मरहम के लिए, मरहम ना मिला हम दम से गए, हमदम के लिए, हमदम न मिला !

नीला अंगूर काला लंगूर!

शरद चन्द्र मकरन मरकण शंकर नन्द!

अब कूद रस्सी रस्सी कूद कूद मत गिर पड़!

सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा!

चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदनी रात में चांदी के चमच्च से चटनी चटाई!

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रुक कर चल चल कर मत रुक!

नजर को नजर की नजर से यूं ना देखो नजर को नजर की नजर लग जाएगी!

लपक बबुलिया लपक, अब ना लपकबे त लपकबे कब!

लाल चटनी हरी चटनी हरी मिर्च से हरी चटनी!

पक्की कचरी कच्चे चाचा,कच्ची कचरी पक्के!

जो हँसेगा वो फंसेगा, जो फंसेगा वो हँसेगा !

पके पेड़ पर पका पपीता, पका पेड़ या पका पपीता, पके पेड़ को पकडे पिंकू, पिंकू पकडे पका पपीता!

डबल बबल गम बबल डबल!

जो जो को खोजो खोजो जोजो को जो जोजो को ना खोजो तो खो जाए जो जो !

कच्ची रोटी खाके रोती, रोटी खाके कच्ची रोती!

चंदा चमके चम चम, चीखे चौकन्ना चोर,चिति चाटे चीनी, चकोरी चीनी खोर!

फालसे का फासला !

बकरा-बकरी बारह बार बाढ़ में बनाये खीर!

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उड़ी चिड़ी ऊंची उड़ी सब्जी पूड़ी ठंडी पड़ी!

चक्के पे चक्का, चक्की में आटा, आटे में चक्की!

आले में अलमारी काली अलमारी!

चिंगारी चिंकारा के जंगल में आग की तरह फ़ैल गई!

चार कचरी कच्चे चाचा, चार कचरी पक्के पक्की कचरी कच्चे चाचा, कच्ची कचरी पक्के !

ऊंट ऊंचा, ऊंट की पीठ ऊंची. ऊंची पूंछ ऊंट की!

दूध में मलाई चीनी दूध में मिलाई!

खड़क सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियां, खिड़कियों के खड़कने से खड़कता है खड़क सिंह!

प्यार के वजह से वजह है प्यार के, प्यार से प्यार के वजह है प्यार के!

चार कचड़ी कच्चे चाचा, चार कचड़ी पक्के. पक्की कचड़ी कच्चे चाचा, कच्ची कचड़ी पक्के!

चांदनी रात में चार चुड़ैल चुर्की पकड़ कर चुटुर चुटुर चना चबाये !

चंदु के चाचा ने चाची को चेरी खिलाई!

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कच्चा कचरा पक्का कचरा!

मत हँस हँस मत, मत फंस फंस मत!

चार नयी नवेली दुल्हन दुल्हन नयी नवेली चार!

पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला!

तोला राम ताला तोल के तेल में तुल गया, तुला हुआ तोला ताले के तले हुए तेल में तला गया!

मदन मोहन मालवीय मदा्स मे मछली मारते मारते मरे!

रोटी खा के पॉटी जाओ पॉटी जा के रोटी खाओ !!

लाली बोली लालू से लल्लन लाया था लालू की शादी पे, लाल लाल लिफाफे में लड्डू !

पानी भर के घड़ा भर घड़ा भर के पानी भर!

राधा की बूनी में नीबू की धारा !

रजाई में चढाई कढाई में पुड़ी बनाई!

एक ऊँचा ऊँट है, पुँछ ऊँची ऊँट कीपुँछ से भी ऊँची कया, पीठ ऊँची ऊँट की!

बुड्ढ़े के बाल गुड्ढ़े के गाल!

नीली रेल लाल रेल नीली रेल लाल रेल!

समझ समझ के समझ को समझो, समझ समझना भी एक समझ है!

अपने आप को जानें और अपने मन की बात कहें!

चंदा चमके चम चम, चीखे चौकन्ना चोर,चींटी चाटे चीनी, चटोरी चीनी खोर!

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